
एक दिन मैंने फेसबुक पर बैठे-बैठे एक अनजाने आदमी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी, जो कि दिखने में काफी हैंडसम लग रहा था। उसने भी उसी रात मेरी भेजी रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट भी कर लिया। "तुम्हे पता है कि तुम इस साड़ी में कितनी खूबसूरत दिख रही हो, उसने टेक्सट किया"।

"थैंक्स, मुझे भी तुम्हारी DP अच्छी लगी"। इसी तरह हमने बातें करनी शुरु कर दी। मुझे पता था कि वह 39 साल का आदमी हैं, शादी शुदा और दो बच्चों का पिता भी है। इन सब चीज़ों के बावजदू हमने बाते करना शुरु कर दिया और अपने नंबर भी एक्सचेंज कर लिये।देखते ही देखते हम एक दूसरे के फेस्ट फ्रेंड तक बन गए। हम सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे। दूसरी ओर, उसे लगने लगा कि वह अपनी बीवी से दूर जा रहा है। वह अपने बच्चों के साथ दूसरे स्टेम में रहती थी। वह मुझसे बोलता था, "अभी पता नहीं मैं सारा दिन तुम्हारे बारे में ही सोंचता रहता हूं, मुझे अफसोस है इस बात पे।"
मैं नेचर से काफी शर्मीली थी, मेरे काफी अच्छे दोस्त भी थे। लेकिन मुहाफिज़ जैसा दोस्त होना काफी स्पेशल था मेरे लिये। 1 महीने की चैटिंगे के बाद हमने स्काइपिंग करना भी शुरु कर दिया।

हम उस पर बातें कम और एक दूसरे को घंटों निहारा ज्यादा करते थे। एक रात वह मेरे साथ वीडियो कॉल पर था। उसने बोला, ''ऐसे देखते देखते कहीं प्यार ना हो जाए"। खैर, अब हम रोज ही वीडियो कॉल करने लग गए। हम इतने पास आ चुके थे कि अब हम एक रियल कपल की तरह बिहेव करने लगे थे। हम रोमांस करते, एक दूसरे को चिढ़ाते और थोड़ी लड़ाइयां भी करते। कहने का मतलब था कि एक 17 साल की लड़की को 39 साल के आदमी से प्यार हो गया था। प्यार की कोई उम्र नहीं- होती जिस तरह से प्यार की कोई उम्र नहीं होती, उसी तरह से हम दोंनो को भी अपना रिश्ता बिल्कुल गलत नहीं लगा। हमें नहीं लगा कि हमने कुछ गलत काम किया है।जब उसकी बीवी आई- इसी दौरान, इसकी बीवी और बच्चे इससे मिलने आए। पर वह फिर भी मुझसे बाते किया करता था। यहां तक कि वह कि वह अपनी बीवी के सामने भी मेरी कॉल उठा लेता था। उसी दौरान उसकी बीवी उस पर शक करने लगी

क्योंकि अब वह पहले जैसा बिल्कुल भी नहीं रहा।एक रात की बात थी- एक रात की बात थी, जब ये दोंनो बेड़ पर सेक्स के लिये गए। तभी इनके फोन पर मैंने मैसेज और अपनी फोटो भेजी। इनकी वाइफ ने उठ का फोन जैसे ही खोला, मेरी फोटो उन्हें दिखी। उसकी वाइफ ने कोई रिएक्शन नहीं दिया, बस मुहाफिज को जोर का थप्पड़ मारा और रोने लगी। 3 दिनों के बाद वह घर छोड़ कर चली गई। मुझे उसकी वाइफ के लिये काफी बुरा लगा इसलिये मैंने उससे कई दिनों तक बात चीत बंद कर दी। उसकी वाइफ के जाने के बाद हम फिर से मिले और हमने लॉंग ड्राइव पर जाने का प्लान बनायां। जब उसने मुझे प्रापोज़ किया -उसी शाम उसने मुझे प्रपोज किया, "मुझे सिर्फ तुम ही चाहिये और कुछ नहीं। अपनी जवानी में मैं काफी सारी लड़कियों से मिला पर तुम ही एक ऐसी लड़की हो जिसने मेरा दिल चुराया है।" वहां कुछ देर के लिये शांति छा गई। फिर उसने मुझे "I love you" बोला। उसकी आंखों में आंसू थे।

हम एक दूसरे को किस करना चाहते थे, गले लगना चाहते थे। मैं तुम्हें ब्लॉक कर रहा हूं दूसरे दिन मुझे एक मैसेज मिला, जिसमें उसने लिखा था, "हे डार्लिंग, आई लव यू, लेकिन मेरा परिवार भी है, मेरी कुछ ड्यूटीज भी हैं। यह मेरा तुमको आखिरी मैसेज है। मुझे प्लीज कॉल या टेक्सट मत करना, मैं तुम्हें ब्लॉक कर रहा हूं।" मुझे ऐसा लगा कि मानों मैं शादी के बाद विधवा बन गई हूं। मैं बुरी तरह से टूट चुकी थी, काफी परेशान थी। प्यार का एहसास हुआ अब मैं प्यार पाने के लिये इतनी ज्यादा एक्साइटेड नहीं थी, वर्जिनिटी खोने के बाद मेरी सोंच काफी बदल गई। मैं एक औरत बन चुकी थी। उस दिन मुझे पता चल चुका था कि प्यार का असली मायना क्या होता है।

एक दिन मैंने अपनी फीलिंग्स के बारे में मुहाफिज को बताया और बोला कि मुझे हमेशा के लिये छोड़ दे। उसने कहां कि कोशिश करेगा। धीरे धीरे मुहाफिज का नाम मेरी जिंदगी से मिटता चला गया। वह हमेशा रहेगा मेरा पहला प्यार मैंने उसका नंबर टिलीट कर दिया और उसने भी मुझे ब्लॉक कर दिया। मैंने फिर उसे कभी ट्रेस करने की नहीं सोंची, लेकिन उसकी यादें आज भी मुझे डराती हैं। मैं खुश थी कि मैं इस अजीब से लगने वाले रिश्ते से बाहर आ गई, लेकिन आज भी वह आदमी मेरा पहला प्यार रहेगा। मैं भगवान से दुआ मांगती हूं कि मुझे जब भी कोई दे तो, वह एक दम मुहाफिज जैसा हो।
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